Himachal Pradesh Election News : सरकारी अधिकारी ने बताई अपनी पीड़ा | Latest Hindi News

Himachal Pradesh Election News : सरकारी अधिकारी ने बताई अपनी पीड़ा | Latest Hindi News

आज बहुत बड़ी समस्या यह है कि समाज की समस्याएं जो समाज बहुत बढ़ गया। मैं देख रहा था कि बिलासपुर उड़ गया ने देखा कि उड़ गया आप लोग आधे घंटे बाद उठे लेकिन उड़ गए पर ये। अगर हो गया बिहार में। नो गो प्लीज, प्लीज, प्लीज। आबादी बड़ी आबादी बढ़ गई है और मैं आपसे बात कर रहा हूं। चलो मंगलवार को बस की बात करूंगा और इधर जमा तो करा प्लीज। मैं वही पुराना भी कलेक्ट्रेट वाला ये कहे कि जब तक मैं आपके साथ बहुत अच्छी तरह समझ डालूं हिमाचल में जो कर रहा हूं, प्यार मोहब्बत क्या गलत बाबूजी आपने कभी आपको ले जाया गया। मुझे ने बताया कि आप ज्यादा ठीक कर लिया तो बाकी सब ठीक हो जाएंगे तो मैंने अभी कोई सौदा का जो सब आज मैं आपसे बात करना चाह रहा था क्योंकि मैं आधे घंटे आपके साथ हूं। उसके बाद मैं कराउंगा। बिलासपुर। मुझे खुद नहीं पता तो प्लीज इंज्वाय करिए। आप भी सवाल जरूर पूछे। मैं आप भी पूछा ज्यादा आप और नाराज है मुझसे लेकर अलीगढ़, बिजनौर, आजमगढ़, बदायूं से सिर्फ नमस्कार मेरा चंदेला मंडी युवा क्रांतिकारी पार्टी के हजारे ने क्रांतिकारी पार्टी से क्या मेरा नाम तब लगा जब मुझे लगा कि हमने भी आपको बहुत बार झुकाना चुना।

बढ़िया लड़े अब ये क्षण कोई नहीं है कि आपने हार का हाल जारी रखा, लेकिन दोषी खड़ा उसको किसी ने चंदेल जी के ज्यादा न रहने दें। मैं मेरा क्या जाता मुझे तो कोई किसी से कोई मेरे बाबू ने मेरी बात सुने। बहनजी मेरी बात कोई चाय की यही है कि मैं भिखारियों और बढ़ गई थी। बाबूजी मैं मैं बोल शब्द नहीं बोला जाता जो अमूमन मैं कभी कभी बोल देता हूं तो इतना बहुत अच्छे लेकिन मेरे हाल तो मैं आपके बैठूंगा तक तो वह कोई चार चार सालों से अंग्रेजों ने अगर विचार किया कि मैं भी टीवी में एक जगह।

इस देश का सबसे बड़ी मुसीबत यही है। ये जो टीवी वाले हैं। इन्होंने गड़बड़ किया। एक बार चला। एक बार राजा वर्मा तो जनता पार्टी। तैयार खड़े हुए है। चार घंटे की बार यहां रोजे। उद्घाटन भाषण में हज यात्री बराबरी की मदद करना हो गया तो पता चला कि एक शायर भी मौजूद है। उद्घाटन बाजार क्षेत्र में और वायुयान से उड़ गई। जब तक थी पंजे। रात में नींद आएगी आराम किया तो मेरे मेरे पास में तराजू वही है जिसमें कांग्रेस और बीजेपी आम आदमी पार्टी सब बराबर। लेकिन मैं एक बात बता दूं। आप से मैं निर्दलीयों को नहीं बुलाता है, लेकिन मेरा मिला लिया। जोड़ा गया था। मैं आप तक। मैं आपको अपना फोन नंबर दे जाऊंगा और आप मुझे जरूर बताइए।

कितने वोट मिले आपको दो और किसी को चुनाव लड़ने को रोका नहीं जा सकता। हर आदमी चुनाव लड़े। आज अगर वो नादान हो या चुनाव लड़े हर युवा अगर कुछ दे दे कवि जरा।

धन्यवाद। हां, आपने कुछ शायरी करने के लिए कहा है मैंने। मेरी आदत है कि मैं उसी टाइम लिखने की कोशिश करता हुआ आज भी आया। ये धन्यवाद ये। मैं भारत वर्षों। मुझे भारत वर्ष ही रहने दो। रंग बिरंगा होना बदरंग करो। रंग बिरंगा होना बदरंग करो ना मुझे तुम बांटो मुझे तकलीफ होती है। मुझे तकलीफ होती है। जब कोई बच्चा भूखा सो जाता है, मेरा विकास गरीब तक नहीं पहुँच पाया। क्या और अगर गरीब तक नहीं पहुँच पाया मेरा नतीजा क्या मैं आपके साथ नाराज किसी अब से क्या नाराज और राजा ने दोनों।

नाराज बीजेपी और कांग्रेस ने आज हां। बात अगर बीजेपी और कांग्रेस के नेता दो बार या आगे बढ़े तो उनको बैन कर दिया। हां, वो क्यों नहीं करते? हमसे बात क्यों नहीं कर रहा जैसे रामदेव जितने उनके पंजाब योजना एक परिवार का विकास होगा तो हो सकता है।

ये कांग्रेस और बीजेपी वाले दोनों महाराज जी और मैं जनाब आपका अजय जी अजय अन्ना जी मैं आपका बहुत बहुत शुक्रिया। मैं आपके परिसर में आज शो कर रहा हूं। बहुत बहुत शुक्रिया की समस्या बहुत अधिक रहा। कुछ जाता है आप कल्पना चावला, प्रकाश गुप्ता विवाद और जी क्या रंग गया। मैं सरकारी मुलाजिम हो और तो बड़ा खतरा है।

मैं वेटरों वाला तो समझो हम बदले गुप्ता जी बाकी आगे बढ़ना ठीक है ना आगे रहे तो मैं देवरिया का भी गया।
वालिया भी नहीं बोले। जी झा देखिए बिलासपुर की प्रबुद्ध जनता यहां पर है और बिलासपुर के मुद्दों पर बात चल रही है। ये आज मीडिया पे मैं बोलना चाहता हूं। मैं चौथी जनरेशन हो सकता हूं। आप बोले शुरू में सेटल हो जाओ सेटल हो जाएगा और पॉलिटिकल पार्टी और ड्यूटी पर सीढ़ियां ब्यूरोक्रेसी और सिस्टम में जो गंदा पड़ा हुआ उसकी वजह से मैं चौंकी कम हो तो जनरेशन नॉर्थ प्लांट। मुझे प्लाट नहीं मिला है। अब तक। आप के सामने ये पहली बार बताया होगा। मैं यहां किराए पर रहता हूं। ये जो आप फ़ीड देख रहे हैं ये मेरे घर पर बनी है। विकास कैसा हो इसको लेकर बड़ी बहस पूरी दुनिया में तकरीर होती रही है। पर अगर इस पर बातचीत हुई तो हालात में फिर भी आते हैं। ये बड़े बड़े दिल की निशानी है। छोटा दिल नहीं कर सकता। ये बड़े दिल की निशानी है वो क्या गालिब के शेर याद नहीं आना। मुझे ये याद आएगा कि मैं जरूर सलाह दूंगा, लेकिन यकीनन ये बड़े दिल के लिए निशानी विलाप जो चौथी पीढ़ी है बेताब है बड़ा मुद्दा है।


बार बार से बार बार राज्य में कांग्रेस को एक बार फिर अचानक देना चाहता हूं कि कभी बीजेपी ने तो कभी शर्मा ने कहा, विस्थापितों के मुद्दे पर कांग्रेस वचनबद्ध रही है। 1985 में रिपीट कर रहा हो। अब वो रामलाल यहां पर मंत्री थे। उन्होंने इसका सेटलमेंट कराया। स्वर्ग अभिवादन जो दे जो यहां के मुख्यमंत्री थे। अभी फिर से अगर मैं आखिर में मुद्दा यह है कि यहां पर जब डैम बना तो जो विस्थापित हुए उनको तटीकरण करने का ये मुद्दा है और बिलासपुर में राजनीति में ये सेंटर में रहता है जो उसके बाद यहां का प्रतिनिधित्व जो है या फिर माननीय सांसद रहे और भी दिल्ली के अंदर हमारा प्रतिनिधि तो है, लेकिन ये जो व्यवस्था है जो हमारा लीज के ऊपर ये पूरा शहर बसा है। ये सेटल जो टेंडर सरकार ने करना है जब हिमाचल प्रदेश की सरकार आई माननीय भी यहां का जो जो क्वालिटी मिलिट्री डैम की वो पूरा पूरा हमारा सुप्रीम कोर्ट में जो मामला चला और उसको लड़ा और उसको और पत्नी मां से अपनी जिस बात मैं इस मामले में कहना चाहूंगा कि 1913 में आदरणीय जब पहली बार विधायक बने विस्थापितों का मुद्दा उठाया। विधानसभा के अंदर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। सवाल कितने लोग जब किताब वितरण किया तो वीरभद्र विरोध रिकॉर्ड है तो फिर कि चार विस्थापितों का प्लॉट की दो गुटों और दो के बिल को जोड़ दिया गया और उसके बाद का असर ये भी बोला और हां अगर मैं। हज हाउस में खड़े लोगों का कहना है कि हम वीजा बढ़ाने।
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