Sahara Money Refund : सहारा में निवेशकों को लेकर आई बहुत बड़ी खबर, पैसा देने पर मजबूर सहारा मालिक

 नमस्कार दोस्तो हमारी वेबसाइट में आपका स्वागत है आज हम Sahara Money Refund : सहारा में निवेशकों को लेकर आई बहुत बड़ी खबर, पैसा देने पर मजबूर सहारा मालिक. सहारा इंडिया (Sahara India) की स्कीम्स में पूरे देश में लोगों ने अरबों रुपये का निवेश किया था। लेकिन कई साल बीत जाने के बाद उन्हें मूलधन भी नहीं मिला है।

ऐेसे में खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। सेबी का कहना है कि वह निवेशकों का पता नहीं लगा पा रहा है जबकि सहारा का कहना है कि उसके निवेशकों के 25,000 करोड़ रुपये सेबी के पास फंसे हैं।

निवेशकों मेंआम आदमी से लेकर के बड़े-बड़े उद्योगपति भी शामिल हैं सहारा इंडिया एक वक्त में बिना बैंक वाला एक ऐसा और बैंक था जिसके पास सभीबैंकों से भी ज्यादा पैसा हैसहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रत राय द्वारा नए-नए कंपनी में निवेश के साथ-साथ फर्जीवाड़ा की वजह से लोगों के पैसे आ चुके हैं आइए देखते हैं क्या है सहारा इंडिया के लेटेस्ट खबरें।

Sahara Money Refund : सहारा में निवेशकों को लेकर आई बहुत बड़ी खबर, पैसा देने पर मजबूर सहारा मालिक
 

सहारा इंडिया (Sahara India) में देशभर के लाखों निवेशकों के पैसे फंसे हैं। सहारा का कहना है कि वह निवेशकों का पैसा लौटाना चाहती है लेकिन मार्केट रेग्युलेटर सेबी (SEBI) ने ये पैसे अपने पास रख लिए हैं।

सहारा की योजनाओं में लाखों लोगों ने जमकर पैसा लगाया था लेकिन कई साल बीत जाने के बाद भी उन्हें अपनी रकम का इंतजार है। सरकार के मुताबिक सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (SIRECL) ने 232.85 लाख निवेशकों से 19400.87 करोड़ रुपये .

और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने 75.14 लाख निवेशकों से 6380.50 करोड़ रुपये एकत्र‍ित किए थे। लेकिन सेबी सहारा के न‍िवेशकों को ब्याज समेत कुल 138.07 करोड़ रुपये ही वापस कर पाया है। साफ है कि निवेशकों को अरबों रुपये अब भी फंसे हुए हैं।

ब्याज के साथ पैसा लौटाने का आदेश

केंद्र सरकार के द्वारा कहा गया है कि निवेशक और भारत की जनता का हक सबसे पहले मिलेगा उनको हक है कि उनको किसी भी परेशानियों से निकालना अभी लाखों-करोड़ों ऐसे सहारा में लोग निवेश किए हैं उनका पैसे को लेकर लगातार परेशान है धरना प्रदर्शन दे रहे हैं ऐसे में सरकार के द्वारा कहा गया है उनको पैसा जल्द से जल्द दिया जाएगा इसके लेकर जिला पदाधिकारी और डीएम को आदेश दिया गया है कि आपने राज और अपने जिले में जो भी लोग पैसा को निवेश किए हैं.

सहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रत राय के ऊपर गिरी तारीख की तलवार लटक रहा है कई कोणों के द्वारा सुब्रत राय के ऊपर कई मुकदमों मैं गिरफ्तारी का रेस्ट बोरिंग जारी हो चुकी है लेकिन आपको बता दें कि उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रहा है .

जिसकी वजह से निवेशक गान कानून से क्रोधित है सहारा प्रमुख सुब्रत राय ने पैसा की हेयर अफेयर के वजह से आज निवेशकों के पैसे अटके हुए हैं और आम आदमी परेशान है की सहारा इंडिया का पैसा का भुगतान होगा तो एसी में सहारा प्रमुख सुब्रत राय के द्वारा कोई भी जानकारी सामने निकलकर नहीं आ रही है।

यह कहां जा रहा है कि सहारा के पास कितना संपत्ति है कि वह आसानी से निवेशकों का भुगतान कर सकता है सहारा का स्कूल संपत्ति लगभग 25000 करोड़ से भी ज्यादा है इसीलिए किसी भी हालत में पैसा निवेशकों को मिलेगा लेकिन कब मिलेगा इसकी कोई निश्चित डेट नहीं आ रही है यह जल्द फाइनेंस मिनिस्टर और सेंट्रल सरकार के द्वारा यह फैसला लिया जाएगा निवेशकों को लेक

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सुब्रत राय कोई भी अधिकारी की जानकारी देने से बच रहे हैं किसी भी प्रकार की कोई भी सूचना देने से बच रहे हैं यहपता ही नहीं है कि सहारा प्रमुख सुब्रत राय हैं कहां आप अगर ऑफिस में जा कर के अपने पैसे की मांग करते हैं तो उनके द्वारा भी आपको कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पता है कि कब तक मिलेगा आपका पैसा2 दिन पहले की घटना है .

मुजफ्फरपुर में किन्नरों के द्वारा महा आंदोलन में मुजफ्फरपुर के सहारा के मैनेजर को पकड़ कर उनसे जबरन जवाब मांगा गया कि अब कब तक लौट आया जाएगा निवेशकों का पैसा तो सहारा इंडिया के मैनेजर द्वारा यह जानकारी दी गई कि सितंबर के अंत तक सभी निवेशकों के पैसे मिल जाएंगे तो क्या लगता है आपको सितंबर तक सभी निवेशकों का पैसा मिल सकता है।.

सहारा इंडिया से पैसा लेने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी होगा कि सहारा इंडिया की किस ब्रांच में आपका पैसा को निवेश किया गया है क्योंकि बहुत सारे लोगों को पैसा को उनको सोसाइटी में निवेश कर दिया गया है और बहुत सारे लोगों को क्यू शॉप में निवेश किया गया है तो सबसे पहले यह जानना होगा कि आपका पैसा कहां पर निवेश है सहारा में है या फिर सोसाइटी में है या क्यू शॉप में है.

सरकार ने बताया कि बाकी आवेदन एसईआरईसीएल और एसएचआईईसीएल की तरफ से दिए गए दस्तावेज और डाटा में उनका रिकॉर्ड ट्रेस नहीं हुआ जिसके बाद से भी से पूछे गए प्रश्नों का बॉन्डहोल्डर्स की तरफ से कोई रिप्लाई नहीं आने के चलते यह बंद कर दिया गया।

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